ननद भरजाई दा गीत PUNJABI LOKGEET

ननद भरजाई रल बैठियां,

करदीयां कौल करार।

जे तेरे घर लड़का होवे,

नीं भाबो तूं मैंनूं की कुझ दे।

जे मेरे घर लड़का होवे,

नी नणदे देवाँगी फुलझड़ियां ।

भाबी दे घर निकड़ा जम्मिया,

लाला नणद नूं सुनेहा भेज।

आ गई नणद आ गई वे वीरा,

मंगदी फुलझड़ियां।

फुलझड़ियां शाहूकारां दे घर,

नी नणदे, साथों नहीं फुलझड़ियां ।

गैहनयां विचों देगी आरसी,

वे लाला सौ मेरी नणद नूं देओ।

आरसी तेरे घर सोने दी

भाबो मंगनीया में फुलझड़ियां ।

सूटां विचों चंगी साड़ी आ.

वे लाला ओह मेरी नणद नूं देओ।

साड़ी तेनूं सजदी नी भाबो,

लैणियां मैं फुलझड़ियां।  

विशेष-इसी प्रकार भाबी ननद से बतरन, और दूसरी कीमती चीजें देने का आग्रह करती है किन्तु ननद सिर्फ फुलझड़ी लेने की जिद पर अड़ी रहती है। अन्त में वह भतीजे को आशीर्वाद देकर प्रसन्न हो जाती है।  

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