श्याम रंग साहिबो ननद थारो वीर राजस्थानी लोकगीत


पीलो पीलो घाघरो गुलाबी रंग चीर ।

श्याम रंग साहबो ननद थारो बीर ।।

मीठी लागे रूसना, मनावे जद श्याम,

दिन दस बोलने रो म्हारो केई काम।

सासुरे ससुरिये म्हारो सासु रिमेरो तीर,

श्याम रंग साहबो ननद थारो वीर।

गोरी गोरी गोरड़ी रा बदन गुलाब,

मीठी बोली मोरनी सी हंस जैसी चाल।

नैनां चन्दन मांही मावे नहीं धीर,

श्याम रंग साहबो ननद थारो वीर ।

गोरी गारी गोरड़ी रा लम्बा लम्बा केस।


बल खाती बीजली बदल दियो भेस।।

सात कली को घाघरो कली कली में घेर,

पहर बाजारां नीकसी रुपयों को हो गयो ढेर।।

पीलो पीलो घाघरा गुलाबी रंग चीर,

श्याम रंग साहबो ननद थारो वीर।

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