रंग उड़ उड़ जाय राजस्थानी लोकगीत

सागर पानी लेने जाऊँ, गागर जर लग जाये म्हारो इंगरू रो टीको, रंग उड़ उड़ जाये। सागर…. म्हारो बाजू बन्द डोरा, लूमा खुल खुल जाये…

पल्लू लटके गोरी को पल्लू लटके राजस्थानी लोकगीत

पल्लू लटके गोरी को पल्लू लटके, जरा सो उई, जरा सो उई, जरा सो टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो जियो धड़के पल्लू लटके…. बागां जाइयो…

म्हारी छन्न पछेली राजस्थानी लोकगीत

म्हारी छन्न पछेली, हाथां में तांबा की गूठी धीम ताना से खोस लई, म्हारी खोल के मूठी।। म्हारी छन्न…. माथे ऊपर सजे बोरला और नैनां…

रुत आई रे पपैया राजस्थानी लोकगीत

रुत आई रे पपैया थारे बोलण री, रुत आई रे। जेठ मास री लंबा रे बीती, अब सुरंग रुत आई रे । रुत आई रे…

पैपैया बोलो जी राजस्थानी लोकगीत

भंवर म्हारे बागां आजोजी बागां फिरूं अकेली पपैयो बोल्यो जी। सुन्दर गोरी किस विध आवां जी, म्हांकी परणी करै लड़ाई पपैयो बोल्यो जी भंवरथारी परणी…

ल्याजो धनसपुरी राजस्थानी लोकगीत

बना हसती थे ल्याजो जी, एक ल्याजो धनसपुरी बना घुड़ला ल्याजो जी, एक ल्याजो धनसपुरी। बना हरया पल्लां नीक लहरया भात धनसपुरी बनी ओढ़ बतावो…

हलदी का गीत(राजस्थानी) लोकगीत

म्हारी हल्दी रो रंग सुरंग म्हारी हलदी रो रंग सुरंग निपजै मालवे, हलदी मोल पंसारी री हाट, बनड़ा रे सिर चढ़े। हलदी मोलवे-थारी माता रे…

म्हारे रिमक झिमक माती आज्यो(राजस्थानी) लोकगीत

वीरा, म्हारे माथां ने महमद लाज्यो म्हारा रखड़ी बैठ घड़ाज्यो म्हारा रिमक झिमक भाती आज्यो वीरा, म्हार कानां नै पन्ना लाज्यो, म्हावे कुंडल बैठ घड़ाज्यो,…

भात के गीत(राजस्थानी) लोकगीत

बागां में बाजै जंगी ढोल झालर झिणका करै जी। आयो मेरी मां को जायो बीर चूनड़ ल्यायो भोज को जी। नापूं तो हाथ पचास तोलूं…

पूजण दो गणगौर(राजस्थानी) लोकगीत

खेलणा दो गणगौर भंवर म्हाने पूजण दो गणगौर । ओजी म्हारी सैयां जोवे बाट, म्हाने खेलण दो गणगौर। भल खेलो गणगौर सुन्दर गौरी, भल पूजो…